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पूजा आरती पश्चिम में है तो खुशियाँ दबेंगी दक्षिण में है तो बिमारी आयेगी तुम्हारी पूजा की दिशा पूरब या उत्तर में हो तो स्थिति उन्नत होगी पूजा की दिशा उत्तर में है तो अध्यात्मिक उन्नति होगी, पूर्व में है तो लौकिक उन्नति होगी गुरूमंत्र है तो दोनों में आध्यात्मिक और लौकिक उन्नति होगी तो देख लेना की आरती की दिशा, पूजा करते तो आपकी दिशा पश्चिम की तरफ तो नहीं, होगी तो बदल देना सत्संग से कैसा ज्ञान मिलता है सोते समय पश्चिम में सिर रहेगा तो चिंता पीछा नहीं छोड़ेगी उत्तर में सिर करते हैं तो बिमारी पीछ नहीं छोड़ेगी सोते समय सिराना पूरब की तरफ अथवा दक्षिण की तरफ हो