“R” अक्षर, 18 of 26

“इस नाम वाले लोग सामाजिक जिंदगी जीना पसंद नहीं करते, लेकिन अपने परिवार को बहुत अहमियत देते हैं। पढ़ने-लिखने में इनकी बहुत अधिक रूचि नहीं होती और भीड़ से अलग होकर चलना इन्हें पसंद होता है। यह

हमेशा वह काम करते हैं, जो दुनिया नहीं करती, और इसीलिए लोग इन्हें पसंद भी करते हैं। हालांकि यह लोगों के आकर्षण केंद्र भी होते हैं।
इन्हें किसी चीज की कोई कमी नहीं होती और यह जीवन में तेजी से आगे बढ़ते हैं।

अपने से ऊपर की सोच और समझ वाले लोग इन्हें आकर्षित करते हैं। खूबसूरती इन्हें अपनी ओर खींचती है।

जिन जातकों का नाम ‘आर’ अक्षर से प्रारम्भ होता है वह बड़े ही गुणी, हुनरवान और चतुर होते हैं। यह अपनी बातों से किसी को भी अपना बनाकर अपना काम निकलवाना अच्छी तरह जानते हैं। यह बिना किसी प्रशिक्षण के किसी दूसरे के गुणों को चुराने में निपुण होते हैं। यह दूसरे से ज्यादा स्वयं को प्रेम करते हैं। इसलिए अपने स्वास्थ्य का भी बेहद ख्याल रखते हैं। प्रारम्भिक काल से ज्यादा उसके बाद का समय इनके अधिक हितकर होता है जिसमें इन्हें मान—सम्मान एवं सुख वैभव भी प्राप्त होता है। ऐसे जातक एक साथ मन में कई विचार एवं लक्ष्य रखते हैं जिसके कारण कई बार इन्हें हानि भी होती है।

दिल से साफ होते हैं, लेकिन कई बार लोग इन्हें गलत भी समझ लेते हैं। वैसे वैवाहिक जीवन में उठा-पटक लगी ही रहती है।

यह जातक श्रेष्ठ व्यक्तित्व के धनी, प्रभावशाली, मधुरभाषी होते हैं। अपने उच्चाधिकारी अथवा किसी से कार्य बा लेना इनके बायें हाथ का खेल है। जैसे—जैसे इनकी आयु बढ़ती है वैसे—वैसे ये जीवन में मान—प्रतिष्ठा, पद, इज्जत—सम्मान में अधिकाधिक वृद्धि कर लेते हैं। ये पक्के स्वार्थी होते हैं। स्वार्थ साधन के पश्चात् प्रत्युपकार करने में भी ये कभी पीछे नहीं रहते। दूसरों को परख लेने की इनमें अद्भुत कला होती है। ये परिश्रमी और लग्नशील होते हैं।

ऐसे जातक श्रेष्ठतम व्यक्तित्व के धनी, आकर्षक, सौम्य, मधुर एवं मिष्टभावी होते हैं। ऐसे व्यक्ति शांति प्रिय होते हुए भी अपनी आलोचना नहीं कह पाते। यह गुणग्राही प्रकृति के धैर्यवान एवं मिलनसार होते हैं। उतावलापन इन्हें पसन्द नहीं होता।”

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