“पी से शुरू होने वाले नाम के लोग खुले विचार के होते हैं, और हर काम को परफेक्शन के साथ करना इन्हें पसंद होता है। इनके हर काम में सफाई अैर खरापन साफ दिखाई देता है।

यह लोग दिल के साथ होते हैं, और अपनी तरह के लोगों के साथ इनका तालमेल बेहतर होता है। अपने आसपास के लोगों का ख्याल रखना और सभी को साथ में लेकर चलना इनकी आदत होती है।

हां कभी-कभी दुनिया को अपने अनुसार चलाने की आदत भी इनमें होती है, जो इन्हें नुकसान भी पहुंचा देती है। यह लोग अपनी ही उलझनों में उलझे रहते हैं, और इनकी निर्णय लेने की क्षमता बहुत कमजोर होती है। यह लोग वैसे तो सामान्य होते हैं, लेकिन इनकी छवि कई बार विपरीत भी बन जाती है। इन्हें हर कोई नहीं समझ पाता।

यदि किसी लड़के या लड़की का नाम अंग्रेजी के ‘P’ अक्षर से शुरू होता है तो ऐसे व्यक्ति देश, दुनिया, घर, परिवार सबका ख्याल रखने वाले होते हैं|

पी अक्षर वाले व्यक्तियों के लिए अपना मान- सम्मान ही सबसे बड़ा है जिसके लिए कुछ भी त्यागने को तैयार रहते हैं। ये तानाशाही भी कहलाते है क्योंकि इनका स्वभाव जिद्दी प्रवृत्ति का होता है।

इनकी नजर से जो एक बार उतर जाये वो फिर लाख कोशिश कर ले वो इनके करीब नहीं आ सकता है| इनके रुतबे को लोग पसंद भी करते है और डरते भी है।

जिन साधकों का जन्म ‘पी’ अक्षर से प्रारम्भ होता है यह परोपकारी, दयालु, धार्मिक एवं कोमल हृदय वाले होते हैं। यह किसी दूसरे को परेशान नहीं देख सकते। इन्हें सदा शांत एवं प्राकृतिक हरा—भरा वातावरण भाता है।

पी अक्षर वाले आकर्षक छवि के मालिक होते है। इनके लिए इनके अपने अलग उसूल होते है जिसके लिए किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं करते है।

यह बहुत ही संतुलित एवं आत्मनियन्त्रित होते हैं। इनका जीवन मंदगति से चलता है। यह भले ही कितने कष्ट में हो लेकिन सदा स्वयं को खुश व संतुष्ट दिखाते हैं। न किसी की बुराई करते हैं न किसी की बुराई सुनते हैं। इनके जीवन में कोई न कोई उथल पुथल चलती ही रहती है।

इन्हें प्रेम जैसे शब्द पर ज्यादा भरोसा नहीं होता है। इनके लिए सेक्स लाईफ भी काफी महत्त्वपूर्ण होती है| हालांकि ये जिस किसी को भी मानते हैं उसे दिल से मानते हैं।

ऐसे व्यक्ति के जीवन की आधी आयु संपन्नता के साथ एवं आधी आयु विपन्नता के साथ बीतती है। ऐसे जातक परम बुद्धिजीवी होते हैं, स्वतंत्र व्यवसाय या व्यापार इन्हें पसन्द होता है। यह दयालु प्रकृति के, दूसरों के सुख—दुख में हिस्सा लेने वाले आशावादी होते हैं तथा शत्रु के प्रति विनम्र एवं क्षमाशील होते हैं। ऐसे जातकों पर सोहबत का असर ज्यादा होता है। ये अतिभावुक हो जाते हैं तथा भावनाओं में बहकर कई बार सिद्धान्त एवं यथार्थ को भूल जाते हैं।

इनमें क्रोध व हिसा की प्रवृत्ति कम ही पाई जाती है तथा इनमें गजब की सहन शक्ति देखी जाती है।

ऐसे जातक अपने हृदय में अनेक रहस्यों को छुपाए हुए होते हैं। ये दयालु प्रकृति के, दूसरों के सुख—दुख में शामिल होने वाले होते हैं। कितनी भी कठिनाइयाँ हों, दुख—तकलीफ हों, इनके मस्तिष्क पर विशाद की रेखा नहीं खचती। ये श्रेष्ठता के प्रतीक, सच्चे कर्मठ होते हैं।