“E” अक्षर, 5 of 26

“जिन लोगों के नाम ई से शुरू होते हैं, हंसी-मजाक उनकी आदतों में शुमार होता है।

यह लोग कुछ मुंहफट-सा मिजाज लिए हुए होते हैं, और इन्हें टोकने वाले लोग बिल्कुल पसंद नहीं होते।

ऐसे लोगों से ये तुरंत किनारा करना ही बेहतर समझते हैं। बेतरतीब तरह से रहना इन्हें अच्छा नहीं लगता, सबकुछ व्यवस्थित और सलीके से रखना ही पसंद होता है।

बहुत बोलने वाला होते हैं ई अक्षर वाले, लेकिन अपने ज्यादा बोलने के कारण ये हमेशा खतरों में पड़ जाते हैं।

जिन जातकों का नाम ‘इ’ अक्षर से शुरू होता है वह मौलिक विचारों वाले, अपनी छवि अलग बनाने वाले, अपने लक्ष्य के प्रति निरन्तर क्रियाशील रहने वाले होते हैं। इन्हें भीड़ से हटकर काम करना अच्छा लगता है भले ही काम कितना भी जोखिम पूर्ण हो।

नई—नाई योजना बनाना तथा योजनाबद्ध तरीके से काम करना इन्हें खूब आता है। यह स्पष्ट वक्ता, निडर और साहसी होते हैं तथा सच्ची और खरी बात कहने में पीछे नहीं हटते।

ये लोग बड़े ही दिल फेंक होते है। ये काफी मजाकिया स्वभाव के भी होते हैं।
ये बहिर्मुखी होते हैं।

व्यवहार—कुशलता की इनमें कमी होती है। किस समय, किस को क्या बोलना है इसका ध्यान न रखकर मुंह पर ही खरी—खोटी कह देते हैं। ये अधिक बोलने के कारण वाचाल और गप्पी समझे जाते हैं।

ई अक्षर वाले व्यक्ति सेक्स के प्रति ये काफी आकर्षित होते है। इसलिए इनकी लिस्ट में लड़के-लड़कियों की पूरी जमात होती है।

ये जो रिश्ता निभाते है उसके प्रति ईमानदार होते है मतलब ये कि भले ही ये चार लोगों से मोहब्बत करे लेकिन अगर ये किसी से शादी करते है तो अपने हमसफर के प्रति ईमानदार होते है।

प्यार के मामले में यह थोड़े कम संजीदा होते हैं, लेकिन इनका मिजाज दिलफेंक आशिक की तरह होता है, कब किसपर आ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। वैसे तो इनकी जिंदगी में रिश्तों के मामले में उतार चढ़ाव आते ही रहते हैं, और लोगों का आना-जाना लगा ही रहता है।

ये नवीनता को जीवन में प्रमुखता देते हैं। कार्य हो, विचार हो या योजनाएँ हो, हर क्षेत्र में नवीनता इन्हें प्रिय होती है।

ऐसे जातक अंतर्मुखी एवं बहिर्मुखी दोनों ही प्रतिभा के धनी होते हैं। ये किसी भी बात को गुप्त नहीं रख सकते, इनमें धैर्य की बड़ी कमी पाई जाती है।

पुरानी पद्धतियों रीति—रिवाज एवं दकियानूसी ख्याल इन्हें पसंद नहीं। ऐसे व्यक्ति प्राय: समूह के साथ रहना पसंद करते हैं।

यह शारीरिक श्रम की अपेक्षा मानसिक श्रम में विश्वास रखते हैं। ऐसे लोग यात्राएं बहुत करते हैं।

लेकिन एक बार अगर यह दिल में किसी को पक्की जगह दे बैठें, तो उनके प्रति पूरी तरह से समर्पित होते हैं। “

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