Health tips

जैतून के तेल में एक ऐसा प्राकृतिक रसायन पाया गया है, जो दर्द व सूजन से राहत देने वाली दवा आइबुप्रोफेन की तरह कार्य करता है। इसमें एक और सक्रिय अवयव ओलियोकेंथल होता है, जो शरीर में होने वाली जैव-रासायनिक क्रियाओं को ठीक उसी प्रकार से उत्प्रेरित करता है, जैसे आइबुप्रोफेन और अन्य स्टेरॉइडरहित सूजननाशक दवाएँ करती हैं। 50 ग्राम जैतून का तेल (विशुद्घ) आइबुप्रोफेन की खुराक के 10 प्रतिशत के बराबर होता है। खट्टी चेरी- शोधकर्ताओं के अनुसार 20 खट्टी चेरी (एंथोसायनिन्सयुक्त) खाने से दर्द से राहत मिलती है। यह एस्पिरिन से भी बेहतर काम करती है। यह विटामिन-ई के समान एंटी-ऑक्सीडेंट की तरह व्यवहार दर्शाती है। यह देखने में आया है कि रोज चेरी के सेवन से सूजन, गठिया और थक्का जमने के कारण होने वाली पीड़ा कम हो जाती है।