Health tips

» अच्छी सेहत के लिये अपने भोजन में रेशेदार खाद्य पदार्थों का सेवन करें, बिना छाने गेहूं के आटे की रोटी आटे की ब्रेड खायें। » शाकाहारी भोजन से आप अपने स्वास्थ्य को ज्यादा अच्छा रख सकते हो। » वैजीटेबल सूप में जौ का आटा मिला सकते है। » फलों के जूस का सेवन तो करें ही परंतु फलों का सेवन अधिक करें। » खाने में थोड़े सूखे मेवे का प्रयोग भी अवश्य करें। » जिन सब्जियों या फलों को छिलके सहित खा सकते हैं उन्हे अच्छी तरह धोकर खायें। » डिब्बा बंद खाद्यानों का सेवन कम करें। » खाने में कभी-कभी शहद का सेवन करें। » नाश्ते में मीठे अथवा नमकीन दलिये का सेवन करें सेहत के लिये लाभप्रद होता है। » पेट को कचरे का डिब्बा समझ कर मत खाईये। » भरपेट भोजन न करें बल्कि एक रोटी कम खायें। » नाश्ते में ऐसी चीजें खायें जैसे दूध, ब्रेड, अंण्डा, बिस्कुट फल तथा जूस,दलिया खायें। » तली भुनी चीजें कम से कम खायें। » भोजन में ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जी, सलाद, दाल, दही शामिल करें। » दिन का हो या रात का भोजन समय से खायें। » हमेशा शान्तिपूर्वक धीरे-धीर खायें भोजन जल्दबाजी में न करें वरना आपके दांतों का काम आपके आंत को करना पडेगा जिसका बुरा प्रभाव आपके पाचन क्रिया पर पडेगा। » मीठा खाये किंतु अधिक नहीं। » यदि पराठा खाना हो तो नान स्टिक पर सेंक कर खायें यानि घी तेल कम लगायें » आलू कम खायें अगर खायें तो उबालकर कारंण उबालने से स्टार्च निकल जाता है फिर नमक काली मिर्च के साथ खायें। » चावल को माड(पानी) निकालकर खायें, चावल घी या तेल में तलकर नहीं खाना चाहिये। » भोजन में अंकुरित दालें, अनाज, गाजर, फल अधिक उपयोग करें। » खाने में रेंशेदार पत्तेदार सब्जियों का इस्तेमाल करें। इससे पेट साफ रहेगा। » खाने में नींबू जरूर लें, उससे विटामिन सी की कमी पूरी होती है। » यदि आप होटल में खाना खाने जा रहे हों तो पहले सूप, नींबू पानी या अन्य पथ का इस्तेमाल करें। » फास्ट फूड, पेस्ट्री, केक कम खायें। » सप्ताह में एक दिन उपवास करें। » मलाई निकाला दूध ले गाढ़ा दूध न पीऐं। » हृदय रोगियों के लिये भी स्वस्थ रहने के लिये कुछ घरेलू उपाय » हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति अकसर सोचते है कि उन्हें क्या खाना चाहिये क्या नहीं? ये सोचना बिलकुल उचित है क्योंकि खानपान का संबंध हृदय रोगों से है कुछ खाने के पदार्थ ऐसे है जिसके खाने से हृदय को ताकत मिलती है। » प्याज- एक कच्चे प्याज का नित्य सेवन करने से हृदय की धड़कन सामान्य होती है। प्याज का रस रक्त के साथ मिलकर रक्त प्रवाह में सहायक होता है और हृदय को कई रोगों से बचाता है। » गाजर- गाढ़े रक्त को पतला करने में व हृदय की धड़कन को सामान्य करने में गाजर बहुत सहायक होती है। » नींबू- हृदय की कमजोरी दूर करने में नींबू अत्यंत लाभकारी है। इसके लगातार इस्तेमाल से रक्त वाहिनियों में लचक आती है। नींबू के सेवन से हाईब्लड प्रेशर कम होता है। हृदय शक्तिशाली बनता है। » अमरूद – अमरूद में विटामिन सी होता है जो हृदय को बल व स्फूर्ति देता है। » हींग- हींग दुर्बल हृदय को शक्ति देती है। रक्त के जमने को रोकती है रक्त संचार सरलता से होने के लिये मदद करती है। पेट में वायु का दबाव भी कम होता है। » अदरक- ऐसा लगे मानो दिल बैठा जा रहा हो, दिल की धड़कन कम हो जाये तो सोंठ (सूखी अदरक) का काढ़ा बनाकर नमक डालकर प्रतिदिन सेवन करें। » शहद- हृदय को शक्ति देने के लिये शहद सर्वोत्तम औषधि है हार्टफेल होने से सुरक्षा भी करता है। जब रक्त में ग्लाइकोजन के अभाव से रोगी के बेहोश होने का डर हो तो शहद खिलाकर उसे बचाया जा सकता है। शहद मिनटों में रोगी के हृदय तक पहुंचकर शरीर में शक्ति व उत्तेजना पैदा करता है। एक चम्मच शहद रोज खायें। सावधानी-यदि किसी व्यक्ति को साथ मधुमेह भी है तो वह खाने पीने के बारे में डॉक्टरी परामर्श अवश्य लें।